काल
काल
जिससे पता चले कि कोई क्रिया हो रही है, या हो चुकी है या आगे होगी - उसे काल कहते हैं। काल तीन प्रकार के होते हैं - वर्तमान काल, भूत काल, भविष्य काल। किसी वाक्य से यदि किसी क्रिया को होने का पता चले तो वह वर्तमान काल, या किसी कार्य के पूरा हो चुकने की बात पता चले तो भूतकाल और यदि कार्य बाद में पूरा होने का पता चले तो वह भविष्य काल होता है। उदाहरणार्थ निम्न वाक्यों को तीनों रूपों में देखें -
राम खाना खा रहा है - वर्तमान काल
राम खाना खा चुका है - भूतकाल
राम खाना खाएगा - भविष्यकाल
इस प्रकार संक्षेप में - क्रिया का जो रूप वर्तमान, भूत एवं भविष्य काल का बोध कराए उसे काल कहते हैं। अब हम विभिन्न कालों को पहचानने के बारे में बताएंगे।
वर्तमान काल - जिस समय कोई क्रिया होती है या हो रही है, उसे वर्तमान काल कहते हैं, जैसे
रमेश रोज स्कूल जाता है
महरी रोज घर का काम करती है
वह खेतों को पानी दे रहा है
मैं पढ़ रहा हूं
वह खा रहा है
वे जा रहे हैं
भूतकाल - जिस वाक्य के पढ़ने से यह पता चले कि कार्य पूरा हो चुका है।
कल वह आया था
वह स्कूल चला गया
वह काम पूरा कर चुका है
वे खेत पर काम करने गये
उसने मुझसे बात की
वह खाना खा चुका था
भविष्य काल - जिस वाक्य से यह आभास हो कि आगे भविष्य में कार्य पूरा होगा, उसे भविष्य काल कहते हैं। उदाहरण देखें और समझें -
वह कल स्कूल नहीं जायगा
वह आगे से ऐसा काम नहीं करेगा
वह खायगा
वह जायगा
वह दिन भर खाता रहेगा
बच्चे छुट्टियों में टी वी देखेंगे
पिकनिक पर भी जायंेगे, आदि आदि
अभ्यास
काल बदलें-
राम खाना खाता है - भूतकाल बनाए -
राम खाना खा चुका है - वर्तमान बनाए -
राम खाना खाएगा - वर्तमान बनाए -
राम स्कूल गया - भविष्य काल बनाएं -
नौजवान एंक सभा करेंगे - भूतकाल बनाए -
वह सच बोलेगा - वर्तमान बनाए -
वह अध्यापक की बात मानेगा - वर्तमान बनाए -