व्याकरण

संज्ञा
किसी वस्तुं, व्यक्ति, या स्थान के नाम या हाव-भाव को संज्ञा कहते हैं।
जैसे - दिल्ली, रामू, चारपाई, हंसी आदि।
उदाहरणों देखकर समझें
1. रामू बांसुरी बजा रहा है।
2. वह दिल्ली का रहने वाला है।
3. उसकी बांसुरी मीठी धुन दे रही है।
आओ देखें -
पहले वाक्य में रामू एक व्यक्ति का नाम है, जबकि बांसूरी एक वस्तु का नाम है। दूसरे वाक्य में दिल्ली एक स्थान के नाम को दर्शाता है। वही तीसरे वाक्य में बांसुरी एक वस्तु है, तो मधुर एक खास भाव, तो धुन भी एक अलग भाव को दर्शाता है।
आओ देखें-
संज्ञा के तीन भेद होते है - , व्यक्तिवाचक, जातिवाचक एवं भाववाचक
1, व्यक्तिवाचक संज्ञा - किसी भी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है, जैसे -
तजमहल एक विशिष्ट प्रकार का भवन है। यह आगरा में स्थित है। इसे व्यक्तिवाचक सेज्ञा के रूप् में ही रखा जाता है।
दुकानों पर आपने ताजमहल के आकार वाले छोटे ताजमहलों को अवश्य देखा होगा। आप उसे खरीदते हैं और लोगों के पूछने पर बताते हैं कि मैंने ताजमहल खरीदा है।
अब आपने देखा कि ताजमहल एक व्यक्तिवाचक संज्ञा बन गया है, क्योंकि यह एक भवन का नाम है । आपके कक्ष में रखा ताजमहल एक विशेष नमूना व्यक्तिवाचक है परन्तु दूकान मे भीतर बहुत से ताजमहल व्यक्तिवाचक नही। ठीक इसी प्रकार दिल्ली, अहमदाबाद, कानपुर, लालू, राजा आदि।
2. जातिवाचक संज्ञा - जिस शव्द से किसी जाति, वर्ग या श्रेणी का ज्ञान हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं, जैसे कि - कोयल, व्यापारी, गधा, किसान, नदी आदि।
4. भाववाचक संज्ञा - जो भी चीज अनुभव व महसूस के द्वारा या उसके गुण या दशा का पता चले उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं जैसे कि गरमी, सरदी, बचपन, सजावट आदि।
याद रहे -
जब भाव नाम एक से अधिक होता है जब भाववाचक संज्ञा जातिवाचक बन जाती है। ठीक इसी प्रकार जातिवाचक के साथ भी होता है, एक से ज्यादा होने पर वह भाववाचक संज्ञा हो जाती है।
उदाहरणार्थ
जातिवाचक
भाववाचक
शत्रु
शत्रुता
सती
सतीत्व
लडका
लडकपन
मूलरूप से हिन्दी में संज्ञा के तीन रूप होते हैं। अंगंरेजी भाषा के प्रभाव से संज्ञा के दो भेद जैसे समूहवाचक और धातुवाचक संज्ञा भी होती हैं जैसे कि - भीड., बैठक, पक्षीसमूह आदि समूहवाचक और सोना, चांदी,लोहा आदि धातुवाचक संज्ञा हुए।
अभ्यास
1. उदाहरणों सहित सभी संज्ञावों के दो-दो भेद बताएं -
2. संज्ञा के भेदों को पहचाने-
(अ) रामू खेल रहा है।
(ब) पढाई से सफलता मिलती है।
(स) सुरेश इमानदारी को बर्बादी बताता है।
3. अ, ब, स में इमानदारी, सफलता और बरबादी को भाववाचक संज्ञा क्यों कहेंगे।
4. दो जातिवाचक संज्ञाओं को व्यक्तिवाचक संज्ञा बनाकर वाक्यों में प्रयोग करें।
5. खाली स्थानों पर संज्ञाओं का प्रयोग करें।
(अ) ......................... सबसे विशाल पहाड. है।
(ब) सागर में ................................ चलते हैं।
(स) उसमें .............. यात्री चलते हैं।
(द) कुतुबमीनार .............. में है।
संज्ञा के विकार
संज्ञा के विकार क्या हैं? इसको जानने के लिए लिंग, वचन और कारक का जानना आवश्यक है।