व्याकरण

विशेषार्थक संख्या शब्द
एक - सूर्य, चन्द्र,पृथ्वी, गणेश जी का दान्त ।
दो उपासना -सगुण, निर्गुण ।
तीन काल - भूतकाल, वर्तमान काल, भविष्य काल ।
त्रिवेणी - गंगा, यमुना, सरस्वती ।
चार युग - सतयुग, त्रेतायुग , द्वापरयुग, कलयुग ।
चार फल - अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष ।
पांच यम - सत्य, अहिंसा, अस्तेय,अपरिग्रह ,इन्द्रिय-निग्रह।
पांच कोष - मनोमय, अन्नमय, प्राणमय, आनन्दमय, विज्ञानमय ।
पांच तत्व - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश ।
पांच अवस्था- बाल्य, कुमार, किशोर, तरूण, वृद्व।