किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। यद्यपि पर्यायवाची शब्द समानार्थी होते हैं किन्तु भाव में एक-दूसरे से किंचित भिन्न होते हैं।
आग अग्नि, अनल, पावक, दहन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, हुताशन, वैश्वानर, शुचि, ज्वाला
आँख लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि
गाय गौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, रोहिणी
गणेश गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय, विनायक, एकदंत, गणाधिप, पार्वतीनंदन, विघ्नेश, मोदकदाता, गजवदन
दिन दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान, वासर
पुष्प फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून
विष जहर, हलाहल, गरल, कालकूट, माहुर
सूर्य रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, दिवाकर, भास्कर, सविता, भानु, दिनेश, मार्तण्ड, अंशुमाली
समुद्र सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, वारिधि, नीरनिधि, अर्णव, जलधाम, अकूपाद
पुत्री बेटी, आत्मजा, तनुजा, सुता, तनया, लड़की, नन्दिनी, दुहिता, कन्या
तेज क्षुद्र, तीव्र, द्रुत
बारिश बरसात, वर्षा, वृष्टि, मेह
लोचन नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि, आँख
तीर शर, सायक, शिलीमुख, बाण
चतुर छलिया, पटु, होशियार, चालबाज, फुरतीला, दक्ष, प्रवीण, निपुण, चालाक
रिपु दुश्मन, अमित्र, वैरी, शत्रु
कुलीन पूज्य, श्रेष्ठ, उच्च, अभिजात
सुबह प्रातः, अरुणोदय, सबेरा, प्रभात
चिडिया गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर, पक्षी, खग
शेर वनराज, शार्दूल, केसरी, केहरी, केशी, पशुराज, सिंह, मृगराज
तीर कगार, किनारा, तट
निकम्मा ठलुआ, काहिल, आलसी, सुस्त
पूजा अर्चना, उपासना, आराधना, प्रार्थना
संत मनीषी, महात्मा, ऋषि, मुनि, साधू
प्राकृतिक नैसर्गिक, वास्तविक, स्वाभाविक
परमात्मा प्रभु, विधाता, ईश्वर, भगवान, परमेश्वर, जगदीश
रजनीश हिमांशु, चाँद, मयंक, विधु, सुधाकर, कलानिधि, निशापति, शशांक, चंद्रमा, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश
तनय नंदन, सुत, पुत्र, बेटा, आत्मज, वत्स, तनुज
अंग गात, तन, शरीर, देह, तनु, काया, कलेवर
अंग खण्ड, भाग, अवयव, हिस्सा, टुकड़ा
निशान झंडा, पताका, ध्वजा, ध्वज, केतु
अक्षि आँख, लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि