कविताएं

रसगुल्ला
रस से भरा हुआ रसगुल्ला,
खाने लगा उसे अब्दुल्ला।
था पडोस मे हल्ला-गुल्ला,
छिटक पड़ा मुँह से रसगुल्ला।